अनियमित कर्मचारियों का जंगी प्रदर्शन, नियमितीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने 28 दिसंबर 2025 को नवा रायपुर के तूता में एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन किया। नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर/नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में वर्षों से कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 28 दिसंबर 2025 को नवा रायपुर स्थित तूता में एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली तथा न्यून मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिलाने की मांग को सरकार के समक्ष रखना था।
प्रदेश के विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट), सेवा प्रदाता, ठेका, समूह/समिति, जॉबदर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर, मानदेय एवं अंशकालीन रूप में कार्यरत कर्मचारी पिछले 5 वर्षों से लेकर 25–30 वर्षों तक शासन की जनहितकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें आज भी “अनियमित कर्मचारी” कहकर उपेक्षित किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी स्थिति मध्यकालीन बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो चुकी है, जहां आर्थिक असुरक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियां और प्रशासनिक दबाव के बीच वे लगातार अन्याय सहने को विवश हैं।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण/स्थायीकरण, सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की पुनः बहाली, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने, न्यून मानदेय के स्थान पर न्यूनतम वेतन देने तथा आउटसोर्सिंग, ठेका, सेवा प्रदाता एवं समूह-समिति के माध्यम से नियुक्ति प्रणाली को समाप्त करने की मांग की।
इस जंगी प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ बिहान संयुक्त कैडर एवं कर्मचारी कल्याण संघ, ट्यूटर शिक्षक संघ मोहला-मानपुर, पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कर्मचारी, शिक्षा मितान एवं कृषि शिक्षक संघ बीजापुर, छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिक विकास संगठन, नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ, सर्वविभागीय दैनिक श्रमिक कल्याण संघ, अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ, आईटीआई सुरक्षा गार्ड संघ, किसान मित्र संघ, मेकाहारा कर्मचारी कल्याण संघ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं कर्मचारी संघ सहित हजारों कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों ने जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।