NEET पेपर लीक के विरोध में सुकमा में प्रदर्शन, बस्तरिया राज मोर्चा ने सीबीआई जांच की मांग उठाई

सुकमा में बस्तरिया राज मोर्चा ने कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर मामले की सीबीआई जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

Jul 1, 2026 - 17:34
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NEET पेपर लीक के विरोध में सुकमा में प्रदर्शन, बस्तरिया राज मोर्चा ने सीबीआई जांच की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा में कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर बस्तरिया राज मोर्चा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड चौक पर एकत्र होकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात रहा।

बस्तरिया राज मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल NEET में कथित पेपर लीक की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसी घटनाएं छात्रों की मेहनत और अभिभावकों के विश्वास पर गंभीर आघात हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

संगठन का कहना है कि विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र सीमित संसाधनों के बीच कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो सबसे अधिक नुकसान आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को होता है। मोर्चा ने कहा कि कई छात्र पूरे वर्ष तैयारी करते हैं और परिवार अपनी सामर्थ्य के अनुसार कोचिंग एवं अन्य खर्च वहन करता है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर परीक्षा में अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता सिद्ध होती है तो प्रभावित विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।

कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को पूरे बस्तर संभाग तक विस्तारित किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

फिलहाल इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों पर संबंधित केंद्रीय एजेंसियों या शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग स्तर पर उठ रही मांगों के बीच सुकमा में हुआ यह प्रदर्शन भी छात्रों की परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।