सुकमा धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों की अनियमितता का आरोप, कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई

सुकमा में जिला कांग्रेस कमेटी ने धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों रुपये की अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस का दावा है कि खुले में रखा धान खराब हो गया और बड़ी मात्रा में धान रिकॉर्ड से गायब है। संगठन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Jul 1, 2026 - 17:25
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सुकमा धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों की अनियमितता का आरोप, कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा जिले के धान संग्रहण केंद्र को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने धान के रखरखाव और परिवहन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं ने धान संग्रहण केंद्र का निरीक्षण करने के बाद दावा किया कि बड़ी मात्रा में धान लंबे समय तक खुले में पड़ा रहने के कारण बारिश और धूप से खराब हो गया। संगठन के अनुसार लगभग 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ वर्ष से खुले में रखा रहा, जिससे वह अमानक श्रेणी में पहुंच गया। कांग्रेस का आरोप है कि समय पर धान का उठाव और परिवहन नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये मूल्य की उपज बर्बाद हो गई।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिला स्तरीय सत्यापन के दौरान लगभग 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं पाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले को "सूखत" बताकर दबाने का प्रयास किया गया। संगठन का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि गंभीर वित्तीय अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत देता है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि धान के परिवहन और भंडारण में जानबूझकर देरी की गई, जिससे किसानों की मेहनत और सरकारी धन दोनों को नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि यदि समय पर धान का उठाव किया जाता तो इतनी बड़ी मात्रा में धान खराब नहीं होता। कांग्रेस ने दावा किया कि यह नुकसान अंततः किसानों और आम जनता के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

ज्ञापन में विपणन संघ के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कांग्रेस ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार धान यदि उचित प्रबंधन के अभाव में खराब हो जाता है, तो यह पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ज्ञापन के साथ संगठन ने इस मुद्दे से संबंधित समाचार पत्रों की प्रतियां भी प्रशासन को सौंपी हैं।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। अब सभी की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि वह आरोपों की जांच के लिए क्या निर्णय लेता है।