गरियाबंद में रथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, बारिश से जर्जर होटल ढहा, कई लोग घायल

गरियाबंद जिले के उरमाल बाजार में रथ यात्रा के दौरान लगातार बारिश के बीच ईंट-खपरे से बना एक पुराना होटल अचानक ढह गया। हादसे में कई लोग घायल हुए, जिनमें एक व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी में चोट आने की आशंका है। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल में भर्ती कराया गया।

Jul 17, 2026 - 16:29
Jul 17, 2026 - 16:41
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गरियाबंद में रथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, बारिश से जर्जर होटल ढहा, कई लोग घायल

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l गरियाबंद जिले के उरमाल बाजार में रथ यात्रा के दौरान लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए लोग बाजार स्थित ईंट-खपरे से बने एक पुराने होटल में शरण लिए हुए थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुका भवन अचानक भरभराकर ढह गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तत्काल राहत कार्य में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय होटल के भीतर और उसके आसपास नौ से अधिक लोग मौजूद थे। भवन गिरते ही कई लोग मलबे में दब गए। स्थानीय नागरिकों ने बिना समय गंवाए राहत अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल के डॉक्टर पांडे ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी में चोट आने की आशंका है। उसे एक्स-रे और आगे की जांच के लिए भेजा गया है। अन्य सभी घायलों को सामान्य चोटें आई थीं, जिनका प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

हादसे में घायल होने वालों में रोहित सिन्हा (28 वर्ष, ग्राम धोरकोट), प्रीतिवास (उरमाल), तिलेश्वर सोनवानी (बेहरामुड़ा), होरेंद्र सिंह मरकाम, ओडिशा के बेहरामुड़ा निवासी एक व्यक्ति, दो वर्षीय एक बच्ची, चार वर्षीय एक बच्ची सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि रथ यात्रा के कारण उरमाल बाजार में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की काफी भीड़ थी। इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने पर लोग पुराने होटल में बारिश से बचने के लिए एकत्र हो गए। लगातार हो रही बारिश से भवन की दीवारें और छत कमजोर हो चुकी थीं, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

घटना के बाद कुछ समय तक बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। राहत और बचाव कार्य के दौरान स्थानीय लोगों की सक्रियता से सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे बड़ा जनहानि टल गई।

लगातार बारिश के मौसम में जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर यह हादसा एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे पुराने और खतरनाक भवनों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया जाए तथा समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।