फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर रुपये मांगने वाला युवक गिरफ्तार, 30 पंचायत सचिवों को दे रहा था धमकी

जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र में फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर पंचायत सचिवों से जबरन वसूली की कोशिश करने वाले आरोपी तरुण भारद्वाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी 30 पंचायत सचिवों से प्रति सचिव 3000 रुपये की मांग कर रहा था। पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(2) के तहत अपराध दर्ज कर मोबाइल समेत महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं।

Nov 21, 2025 - 14:40
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फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर रुपये मांगने वाला युवक गिरफ्तार, 30 पंचायत सचिवों को दे रहा था धमकी

 UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव,  जशपुर  | (छत्तीसगढ़) दुलदुला थाना क्षेत्र में फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर पंचायत सचिवों से जबरन रुपये मांगना एक युवक को भारी पड़ा। पुलिस ने आरोपी तरुण भारद्वाज को रंगे हाथों गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

मामला तब उजागर हुआ जब ग्राम पंचायत कस्तूरा जाम पानी की सचिव देवकी यादव ने 19 नवंबर 2025 को दुलदुला थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत दुलदुला के माध्यम से उन्हें आरोपी तरुण भारद्वाज का एक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें 2020 से 2025 के बीच 15वें वित्त के कार्यों से संबंधित बड़ी मात्रा में दस्तावेज मांगे गए थे। यह जानकारी आरटीआई अधिनियम की धारा 5(4) के तहत उपलब्ध नहीं कराई जा सकती थी, जिसकी सूचना आवेदक को दे दी गई।

इसके बाद आरोपी ने प्रथम अपील दायर की, जिसकी सुनवाई 19 नवंबर को होनी थी। अपील से एक दिन पहले 18 नवंबर को आरोपी ने सचिव देवकी यादव को फोन कर पूछा कि “जानकारी दोगे या व्यवस्था करोगे?” जब सचिव ने अर्थ पूछा तो उसने खुलकर कहा कि प्रत्येक पंचायत सचिव से 3000-3000 रुपये दिलाए जाएं, नहीं तो वह जानकारी निकालकर सभी को बर्खास्त कराने और राज्य सूचना आयोग में शिकायत करने की धमकी देने लगा। बातचीत सचिव ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली।

19 नवंबर को जब तरुण भारद्वाज जनपद पंचायत दुलदुला में अपील की सुनवाई के लिए पहुंचा, तो वहां उपस्थित सभी 30 पंचायत सचिवों को उसने फिर धमकी दी और कुल 90,000 रुपये की मांग करने लगा। भय से दो सचिवों ने फोन–पे के माध्यम से 500–500 रुपये उसके खाते में भेज भी दिए।

पुलिस ने सचिव की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) के तहत जबरन वसूली का अपराध दर्ज किया और तत्काल कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत परिसर से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ग्राम अंडा, जिला शक्ति का निवासी है और उसे किसी ने बताया था कि आरटीआई के नाम पर लोगों को ब्लैकमेल कर अच्छे खासे रुपये कमाए जा सकते हैं। यह उसका “पहला प्रयास” था।

पुलिस ने आरोपी से उसका मोबाइल फोन जब्त किया है और इस बात की जांच भी शुरू कर दी है कि क्या उसने अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाएं की हैं।

जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर पंचायत सचिवों से वसूली की कोशिश करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।