कबीरधाम जिले में सुचारू रूप से जारी धान खरीदी, 79,514 किसानों से 4.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

कबीरधाम जिले में प्रशासनिक निगरानी में धान खरीदी कार्य व्यवस्थित रूप से जारी है। अब तक 79,514 किसानों से 4.28 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है और उठाव कार्य भी लगातार प्रगति पर है।

Jan 13, 2026 - 16:06
 0  19
कबीरधाम जिले में सुचारू रूप से जारी धान खरीदी, 79,514 किसानों से 4.28 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | कबीरधाम जिले में चालू खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत धान खरीदी कार्य पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर  गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा सभी खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

जिले में अब तक 79 हजार 514 किसानों द्वारा कुल 4 लाख 28 हजार 792 मीट्रिक टन धान का विक्रय किया जा चुका है। प्रशासन की सक्रियता के चलते किसानों को उनके धान की राशि समय पर सीधे बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। समयबद्ध भुगतान से जिले के किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल देखा जा रहा है।

जिला खाद्य अधिकारी  सचिन मरकाम ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीदी केंद्रों से मिलर्स द्वारा धान उठाव कार्य भी लगातार तेज गति से जारी है। अब तक टीओ (ट्रांसपोर्ट ऑर्डर) एवं डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) के माध्यम से 1 लाख 58 हजार 315 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 91 हजार 189 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए टीओ एवं डीओ जारी किए जा चुके हैं, जिन पर परिवहन कार्य प्रगति पर है।

जिला प्रशासन द्वारा धान उठाव और परिवहन कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी केंद्रों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे और किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पीने का स्वच्छ पानी, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासनिक अमला लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।

जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि धान खरीदी, भुगतान और उठाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और किसान हितैषी बनी रहे। सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान से जिले के किसान संतुष्ट हैं और प्रशासन के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।