डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर : केदार कश्यप

रायपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्रवादी चिंतन, त्याग और जनसेवा का जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

Jul 7, 2026 - 10:30
 0  3
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर : केदार कश्यप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर हैं और उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक चेतना तथा जनसेवा के लिए समर्पित रहा।

केदार कश्यप ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने सिद्धांतों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना किया। देश की एकता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका त्याग, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व आज भी करोड़ों भारतीयों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र प्रथम, सुशासन, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकात्मता के विचार स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जीवनकाल में थे।

केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सेवा की भावना के साथ कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने युवाओं से भी राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक शामिल हुए। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी देशहित में कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।

कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का अनुसरण कर ही विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।