धमतरी में DMF शासी परिषद की बैठक: गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यों पर जोर

धमतरी में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने सभी विभागों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

Apr 13, 2026 - 18:40
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धमतरी में DMF शासी परिषद की बैठक: गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यों पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन l  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में लोकसभा सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक भोजराज नाग, ओंकार साहू, सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने बैठक के दौरान संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि DMF की गाइडलाइन, नियम और प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन और समय-समय पर निरीक्षण किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंच सके।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना की सेक्टरवार प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि उच्च प्राथमिकता (70 प्रतिशत) श्रेणी में कुल 52 कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 23 पूर्ण हो चुके हैं, 21 कार्य प्रगति पर हैं, 5 कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं और 3 कार्य निरस्त किए गए हैं।

इस श्रेणी में 643.08 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 245.35 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

वहीं, अन्य प्राथमिकता (30 प्रतिशत) श्रेणी में 38 कार्य स्वीकृत किए गए, जिनमें से 19 कार्य पूर्ण और 18 प्रगतिरत हैं। इस श्रेणी में 424.85 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 294.75 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।

बैठक में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई और ऊर्जा विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागवार वार्षिक कार्य योजना के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया।

इसके अलावा, DMF और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत खनन प्रभावित क्षेत्रों का बेसलाइन सर्वे कर पंचवर्षीय कार्य योजना तैयार करने और वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना बनाने का निर्णय भी लिया गया।

अंत में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने सभी विभागों को लंबित और अप्रारंभ कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र शुरू करने तथा प्रगतिरत कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

यह बैठक जिले के समग्र विकास और खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।