मनेंद्रगढ़ अस्पताल में पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई निशुल्क सोनोग्राफी

मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की गई। पहले महिलाओं को निजी लैब में जांच के लिए लगभग 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब यह सुविधा सरकारी अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध होने से आर्थिक राहत के साथ सुरक्षित मातृत्व को भी बढ़ावा मिला है।

Jul 16, 2026 - 10:54
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मनेंद्रगढ़ अस्पताल में पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई निशुल्क सोनोग्राफी

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में वर्ष 2026 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल, मई और जून के दौरान 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस पहल से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच की सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिली है।

पहले मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां एक जांच पर करीब 1500 रुपये तक खर्च करना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ था। अब यही सुविधा सरकारी अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मंशा रही है कि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के तहत अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया गया है। आधुनिक जांच उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और बेहतर प्रबंधन के कारण मरीजों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा है।

चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था की पहली तिमाही में सोनोग्राफी अत्यंत महत्वपूर्ण जांच होती है। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास, गर्भ की स्थिति और संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। समय पर जांच होने से जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीयन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के प्रबंधन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि पहली तिमाही में 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी की जा चुकी है। आने वाले समय में भी प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक यह सुविधा पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के चलते अब मनेंद्रगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार बढ़ रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु जन्म सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।