सीडीबीई का बयान, सत्य और कानून पर जताया भरोसा, भ्रामक दावों का किया खंडन

छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ने संस्था से जुड़े विवादों और सार्वजनिक रूप से प्रसारित दावों पर आधिकारिक बयान जारी किया है। संस्था ने कहा कि उसके विरुद्ध भ्रामक जानकारियां और आरोप फैलाए गए हैं तथा सभी विवादों का समाधान केवल कानून, प्रमाण और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा। संस्था ने लोगों से आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की अपील की है।

Jul 16, 2026 - 10:50
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सीडीबीई का बयान, सत्य और कानून पर जताया भरोसा, भ्रामक दावों का किया खंडन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (सीडीबीई) ने संस्था से जुड़े विवादों और सार्वजनिक रूप से प्रसारित विभिन्न दावों को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। संस्था ने कहा है कि हाल के समय में उसके और उससे संबद्ध संस्थानों के संबंध में कई प्रकार की भ्रामक जानकारियां, आरोप और दावे प्रसारित किए गए, जिससे शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समाज में भ्रम की स्थिति बनी और संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

जारी बयान में संस्था ने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा संस्था के बिशप, सचिव तथा अन्य वैधानिक पदाधिकारियों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए। साथ ही ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए गए जिन्हें संस्था ने भ्रामक, अपूर्ण अथवा वास्तविक अभिलेखों से मेल नहीं खाने वाला बताया है। संस्था का दावा है कि इन दस्तावेजों और दावों के आधार पर उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

सीडीबीई ने स्पष्ट किया कि किसी भी संस्था का संचालन उसके पंजीकृत संविधान, वैधानिक अभिलेखों, सक्षम प्राधिकारी के आदेशों और कानून के अनुरूप होता है। संस्था का कहना है कि व्यक्तिगत दावे, सार्वजनिक बयान या अफवाहें किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकते।

संस्था के अनुसार, समय के साथ उपलब्ध आधिकारिक अभिलेखों, प्रशासनिक कार्यवाहियों और सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि किसी भी विवाद का समाधान केवल कानून और प्रमाणों के आधार पर ही संभव है। संस्था ने कहा कि सत्य को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता।

बयान में यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है अथवा कूटरचित, भ्रामक या असत्य दस्तावेजों का उपयोग किया गया है, तो ऐसे सभी मामलों पर सक्षम न्यायालयों और वैधानिक प्राधिकारियों के समक्ष विधिक प्रक्रिया चल रही है या नियमानुसार प्रस्तुत की जा रही है। संस्था ने न्यायिक प्रक्रिया पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि सत्य अंततः सामने आएगा।

सीडीबीई ने शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत, सक्षम प्राधिकारी के आदेश और प्रमाणित दस्तावेजों की जांच अवश्य करें। संस्था ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध दुर्भावना रखना नहीं, बल्कि संस्था की गरिमा, कानून के शासन और सत्य की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है।

यह बयान संस्था के सचिव नितिन लॉरेंस की ओर से जारी किया गया है, जिसमें "सत्यमेव जयते" के संदेश के साथ कहा गया है कि समय, कानून और प्रमाण अंततः सत्य के पक्ष में खड़े होते हैं और सत्य को अपनी रक्षा के लिए प्रचार की आवश्यकता नहीं होती।