बालोद में खेत की जमीन धंसी, 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बनने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम भानपुरी में लगातार बारिश के बीच किसान के खेत में अचानक जमीन धंसने से करीब 20 फीट चौड़ा और 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी में लिया है। ग्रामीणों ने पूरे इलाके की भू-वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। गुरुर विकासखंड के ग्राम भानपुरी में एक किसान के खेत में अचानक जमीन धंसने से करीब 20 फीट चौड़ा और 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढा धीरे-धीरे और बड़ा होता दिखाई दे रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम भानपुरी निवासी किसान खेलन साहू के खेत में सोमवार सुबह ग्रामीणों ने जमीन धंसी हुई देखी। कुछ ही समय में वहां बड़ा गड्ढा बन गया। इसकी सूचना तत्काल ग्राम पंचायत और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलने के बाद सरपंच डाकेश साहू ने संबंधित विभागों को अवगत कराया, जिसके बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही कृषि विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का जायजा लेने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से गड्ढे के आसपास लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी है। साथ ही मौके का पंचनामा तैयार कर स्थिति का दस्तावेजीकरण किया गया है।
सरपंच डाकेश साहू के अनुसार जिस स्थान पर जमीन धंसी है, वहां लगभग 25 वर्ष पुराना एक बंद पड़ा बोरवेल था। जमीन धंसने के साथ ही उस बोरवेल का केसिंग पाइप भी पूरी तरह जमीन के भीतर समा गया। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि पुराने बोरवेल या भूमिगत संरचना का घटना से संबंध हो सकता है। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में गांव और आसपास के क्षेत्रों में बोरवेल खुदाई के दौरान भी कई बार 20 से 30 फीट की गहराई पर केसिंग पाइप धंसने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में लोगों को आशंका है कि क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना में कोई समस्या हो सकती है। इसी कारण ग्रामीणों ने पूरे इलाके की विस्तृत भू-वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम बुलाकर पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए और यदि आवश्यक हो तो प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी स्थायी उपाय किए जाएं।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों के अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही जमीन धंसने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और आवश्यक सुरक्षा उपाय तय किए जाएंगे।
लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना ने न केवल किसान बल्कि पूरे गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा कारणों से गड्ढे के आसपास न जाएं और किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। फिलहाल क्षेत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए निगरानी जारी है और विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।