बिलासपुर में पुताई के दौरान करंट लगने से युवक की मौत, सिरगिट्टी पुलिस ने शुरू की जांच
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में पुताई का कार्य करते समय एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान छोटू साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में पुताई का कार्य करते समय करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। यह हादसा नया पारा वार्ड क्रमांक-11 स्थित दुर्गा मंदिर के पास शनि मंदिर के समीप हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान छोटू साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक मकान में पुताई का कार्य कर रहा था। काम के दौरान वह सीढ़ी पर चढ़कर दीवार की पुताई कर रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क पास से गुजर रहे खुले बिजली के तार से हो गया, जिससे उसे तेज करंट का झटका लगा।
करंट लगते ही छोटू साहू संतुलन खो बैठा और सीढ़ी से नीचे गिर पड़ा। घटना को देखकर उसके साथ काम कर रहे अन्य श्रमिक और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में उसे तत्काल उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह पहुंची तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार युवक के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे।
घटना के बाद छत्तीसगढ़ जनता मजदूर कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार और महासचिव राजा बर्मन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
श्रमिक संगठनों का कहना है कि निर्माण और पुताई जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है। खुले बिजली के तारों के पास काम करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में खुले बिजली के तार दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल सिरगिट्टी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, युवक की असमय मौत से उसके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल बना हुआ है।