नूतन स्पात हादसे के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने प्लांट का घेराव
ग्राम जरौदा स्थित नूतन स्पात एंड पावर लिमिटेड में करंट हादसे में श्रमिक की मौत के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्लांट का घेराव किया गया। वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन ने 32 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, पेंशन तथा घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने पर सहमति जताई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l ग्राम पंचायत जरौदा स्थित नूतन स्पात एंड पावर लिमिटेड में हुए करंट हादसे के बाद मृतक श्रमिक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने कंपनी परिसर का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजा, स्थायी रोजगार और घायलों के समुचित उपचार की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
कुछ दिन पहले हुए इस औद्योगिक हादसे में श्रमिक अनिल यादव गंभीर रूप से झुलस गए थे। उपचार के दौरान 30 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई, जबकि हादसे में घायल दो अन्य श्रमिकों का इलाज अभी भी जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में श्रमिक सुरक्षा को लेकर चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों से मुलाकात करने के बाद जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कंपनी प्रबंधन के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा पेंशन देने की मांग रखी गई। इसके अलावा घायल श्रमिकों के संपूर्ण इलाज और उपचार अवधि में आर्थिक सहायता की भी मांग की गई।
लंबी वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिवार को 32 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, पेंशन तथा दोनों घायल श्रमिकों के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उपचार अवधि के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति जताई।
इस अवसर पर सूर्यप्रताप बंजारे ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक दुर्घटनाओं में मिलने वाली मुआवजा राशि को वर्तमान व्यवस्था से बढ़ाकर कम से कम एक करोड़ रुपये किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि दुर्घटनाओं की स्थिति में कंपनियों पर अधिक आर्थिक दायित्व तय होगा तो वे सुरक्षा मानकों, नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा ऑडिट को गंभीरता से लागू करेंगी, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं में कमी आएगी।
कार्यक्रम में भगत बंजारे, मनहरण लाल वर्मा, सूर्यप्रताप बंजारे, सोहन निषाद, अरुण साहू, अजीत साहू, चैतन्य, शुभाष बंजारे, निलेश जांगड़े, मनीष वर्मा, राहुल साहू, राहुल लहरी, गगन वर्मा, शिव कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य केवल मुआवजा दिलाना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिक सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराना भी है। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रमिक की जान लापरवाही के कारण नहीं जानी चाहिए और यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के अंत में श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।