विधायक भावना बोहरा ने नल-जल योजना को लेकर पूछा कि पिछले 12 महीनों में कितने जिलों और शहरों को योजना से जोड़ा गया है, कितने जिलों में यह योजना पूर्ण हो चुकी है, शेष जिलों में इसे कब तक पूरा किया जाएगा तथा वर्तमान में छत्तीसगढ़ इस योजना की लक्ष्य पूर्ति में किस स्थान पर है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति के लिए विभागीय तैयारियों की जानकारी भी मांगी।
इस पर लिखित उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि पिछले 12 महीनों में राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को नल-जल योजना से जोड़ा जा चुका है। शहरों में नल-जल योजना लागू नहीं है। राज्य के किसी भी जिले में योजना पूर्ण नहीं की गई है और शेष कार्यों की संभावित तिथि बताना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ नल-जल योजना की लक्ष्य पूर्ति में 24वें स्थान पर है।
ग्रीष्मकालीन जल आपूर्ति की तैयारियों के संबंध में उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सभी जिलों में पर्याप्त हैंडपंप तकनीशियन नियुक्त किए गए हैं तथा स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 15 मार्च से 15 अप्रैल तक विशेष हैंडपंप संधारण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें हैंडपंप मरम्मत, राइजर पाइप बढ़ाने, पेयजल गुणवत्ता परीक्षण एवं क्लोरीनेशन का कार्य किया जाएगा।
प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में भी हैंडपंप, बोरवेल, पाइपलाइन मरम्मत, टंकियों की सफाई और जल स्रोतों के क्लोरीनेशन के कार्य किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पेयजल संकट निवारण के लिए नगरीय निकायों को 18 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अधोसंरचना मद से 5.63 करोड़ रुपये तथा 15वें वित्त आयोग के जल घटक के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में 566.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 18.03 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
स्थानीय रोजगार और उद्योग के विषय में विधायक भावना बोहरा ने कबीरधाम जिला में संचालित उद्योगों की स्थिति पर प्रश्न किया। इस पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने लिखित उत्तर में बताया कि जनवरी 2026 तक कबीरधाम जिले में कुल 102 लघु तथा 1 मध्यम उद्योग पंजीकृत हैं, जबकि कोई भी बड़ा उद्योग पंजीकृत नहीं है। लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है।
इसी क्रम में विधायक भावना बोहरा ने महिला श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने महिला श्रमिकों के वेतन, भत्ते, सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित शिकायतों की संख्या तथा उनके निराकरण की स्थिति पर जानकारी मांगी।
विधायक ने कहा कि नल-जल योजना, स्थानीय रोजगार, उद्योगों के विस्तार और महिला श्रमिकों की सुरक्षा जैसे विषय सीधे तौर पर आम जनता के जीवन और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े हैं, इसलिए इन पर सरकार की जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।