छत्तीसगढ़ बजट पर एनएसयूआई अध्यक्ष अजीत कोसले का तीखा हमला, बताया “युवा विरोधी बजट”

छत्तीसगढ़ का बजट पेश होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के आरंग विधानसभा अध्यक्ष अजीत कोसले ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी पर युवाओं, किसानों और वंचित वर्गों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इस बजट को “आँकड़ों का बजट” बताया।

Feb 25, 2026 - 19:08
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छत्तीसगढ़ बजट पर एनएसयूआई अध्यक्ष अजीत कोसले का तीखा हमला, बताया “युवा विरोधी बजट”

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ राज्य के बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इसी कड़ी में आरंग विधानसभा क्षेत्र से नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजीत कोसले ने राज्य सरकार और वित्त मंत्री पर तीखा हमला बोला है।

अजीत कोसले ने कहा कि यह बजट युवाओं के सपनों को कुचलने वाला और पूरी तरह से युवा विरोधी बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो नए पदों की कोई घोषणा की गई है और न ही प्रदेश में लंबे समय से खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती को लेकर कोई ठोस योजना सामने रखी गई है।

उनका कहना है कि प्रदेश के लाखों युवाओं को इस बजट से रोजगार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने इन मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

एनएसयूआई अध्यक्ष ने आगे कहा कि उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और बेरोजगारी भत्ता जैसे अहम विषयों पर बजट में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखाई देती। सरकार केवल बड़े-बड़े दावों और आँकड़ों के सहारे युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने ही वादों से पीछे हटती नजर आ रही है। रोजगार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े वादों को पूरा करने के बजाय सरकार वादाखिलाफी कर रही है।

किसानों के मुद्दे पर भी अजीत कोसले ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे तो किए गए थे, लेकिन इस बजट में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखाई देती। उल्टे, सरकार ऐसी नीतियां ला रही है जिससे किसानों पर आर्थिक दबाव और बढ़ने की आशंका है।

उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए बजट में केवल आँकड़ों के माध्यम से आश्वासन दिया गया है, जबकि इन वर्गों की वास्तविक समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। जमीनी स्तर पर शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता।

पर्यावरण के मुद्दे को उठाते हुए अजीत कोसले ने कहा कि प्रदेश में लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है, लेकिन इस गंभीर विषय पर सरकार की ओर से कोई ठोस नीति या कड़ा संदेश बजट में नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।

अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट विकास और रोजगार का नहीं, बल्कि सिर्फ आँकड़ों का बजट है। वित्त मंत्री ने बजट पेश नहीं किया, बल्कि सरकार के झूठे दावों और आंकड़ों का पुलिंदा जनता के सामने रखा है। प्रदेश के लाखों युवाओं को इस बजट से बेहतर उम्मीद थी, लेकिन यह बजट युवाओं के भविष्य पर गहरा निराशाजनक प्रभाव छोड़ने वाला साबित होगा।