गोना समाधान शिविर से पहले कोकड़ी में बड़ी बैठक, कलेक्टर-एसपी नहीं आए तो बहिष्कार की चेतावनी

गरियाबंद जिले के कोकड़ी गांव में किसान संघर्ष समिति की बड़ी बैठक आयोजित हुई, जिसमें हजारों ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि यदि गोना समाधान शिविर में कलेक्टर, एसपी और डीएफओ जैसे जिला स्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचे तो शिविर का बहिष्कार किया जाएगा।

May 28, 2026 - 17:15
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गोना समाधान शिविर से पहले कोकड़ी में बड़ी बैठक, कलेक्टर-एसपी नहीं आए तो बहिष्कार की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद। मैनपुर ब्लॉक के गोना में आयोजित होने वाले समाधान शिविर से पहले कोकड़ी गांव में क्षेत्रवासियों की बड़ी बैठक आयोजित की गई। किसान संघर्ष समिति और जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में क्षेत्र की लंबित समस्याओं और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की गई। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि समाधान शिविर में जिला कलेक्टर, एसपी और डीएफओ सहित जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुए तो शिविर का बहिष्कार किया जाएगा।

ग्राम कोकड़ी में आयोजित इस बैठक में राजापड़ाव क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि अब केवल छोटे अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान संभव नहीं है, इसलिए जिला स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है।

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी ने कहा कि शासन और प्रशासन लगातार क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को सिर्फ वादे और आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक क्षेत्र की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

बैठक में जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद इलाके में विकास कार्यों की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि आजादी के 79 साल बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को खाद, बीज और डीजल-पेट्रोल जैसी जरूरी चीजों के लिए भी भटकना पड़ रहा है।

जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम ने कहा कि समाधान शिविर पहले भी कई बार लगाए गए, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण केवल औपचारिक बैठकों से संतुष्ट नहीं होंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजापड़ाव क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

इसके अलावा बैठक में राजापड़ाव के पास पेन पुरखों की मौजूदगी में एक विशाल शिलालेख बनाने का फैसला लिया गया। इसके लिए प्रत्येक घर से 20 रुपये का सामूहिक चंदा एकत्र करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने इसे अपनी संस्कृति और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

बैठक के अंत में सभी गांवों के लोगों से अपील की गई कि वे गोना समाधान शिविर में सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में पहुंचें। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग करेंगे।

कोकड़ी की इस बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राजापड़ाव क्षेत्र के लोग अब केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। यदि प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।