विद्यालय के कुल 40 छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त कर द्वितीय चरण की परीक्षा के लिए चयन सुनिश्चित किया है। रैंक के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु NASA (अमेरिका) तथा ISRO के भ्रमण और हवाई यात्रा का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष विज्ञान ओलंपियाड के अंतर्गत द्वितीय चरण की परीक्षा 27 फरवरी को ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। इसमें बेहतर रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को देश-विदेश में अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण करने का मौका मिलेगा।
विद्यालय से कक्षा दूसरी से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। प्रथम चरण में विद्यालय के कुल 105 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें से 53 विद्यार्थियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर रैंक हासिल की। इनमें से 40 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल के साथ द्वितीय चरण के लिए चयनित किया गया है।
विद्यालय के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाएं विद्यार्थियों के भीतर छिपी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से बच्चों को नई दिशा और आत्मविश्वास मिलता है।
उन्होंने यह भी बताया कि डीएवी जांता स्कूल के विद्यार्थी पूर्व में भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। अब तक विद्यालय के 119 छात्र राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सम्मानित हो चुके हैं, जो विद्यालय के लिए गर्व की बात है।
प्राचार्य ने यह जानकारी भी दी कि उनके सुपुत्र पियूष जायसवाल एवं साक्षी जायसवाल अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिक हैं और प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने डीएवी विद्यालय से ही प्राप्त की है। दोनों ने खगोलशास्त्र में शोध कार्य करते हुए नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है तथा उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस बड़ी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान के क्षेत्रीय कार्यालय से प्रशांत कुमार, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डी.के. साहू, वरिष्ठ अधिकारी डॉ. बी.पी. साहु, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा अभिभावकों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।