इस आंदोलन का नेतृत्व शिवसेना के जिला अध्यक्ष सम्राट सिंह करेंगे। संगठन ने “गौ सेवा, गौ सुरक्षा, गौ सम्मान” का नारा देते हुए समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय से इस धरने में भाग लेने की अपील की है। शिवसेना का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए उनकी रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शिवसेना द्वारा जारी पोस्टर और अपील में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के साथ-साथ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान भी किया गया है। संगठन का मानना है कि जब तक गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगेगा और गोवंश की सुरक्षा के लिए कठोर कानून नहीं बनाए जाएंगे, तब तक इस तरह के आंदोलन जारी रहेंगे।
धरने के माध्यम से शिवसेना ने अपनी कई प्रमुख मांगें भी सामने रखी हैं। इनमें देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गोवंश की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने, गौशालाओं को सरकारी संरक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान करने, तथा गौ तस्करी पर कड़ी रोक लगाने जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अलावा संगठन ने यह भी मांग की है कि गौ माता की रक्षा के लिए सरकार ठोस और प्रभावी कदम उठाए।
शिवसेना के नेताओं का कहना है कि वर्तमान समय में गोवंश की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। कई स्थानों पर गौ तस्करी और अवैध वध की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। ऐसे में सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।
आयोजन को लेकर शिवसेना कार्यकर्ता तैयारियों में जुट गए हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक धरना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है।
सम्राट सिंह ने कहा कि गौ माता की सेवा और सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस धरने के माध्यम से सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सकेगा और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
शिवसेना ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर गौ संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाएं और समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।