राजनीति में अनोखी मिसाल: डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी बारात के सारथी

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी बारात के सारथी बने। सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू ने सादगीपूर्ण विवाह का संदेश देते हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने का निर्णय लिया। इस अवसर पर निकली बैलगाड़ी बारात लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।

Jun 1, 2026 - 11:04
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राजनीति में अनोखी मिसाल: डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी बारात के सारथी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l  छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अनोखा और यादगार दृश्य उस समय देखने को मिला, जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी बारात के सारथी की भूमिका निभाई। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों और सरकारी आयोजनों में दिखाई देने वाले जनप्रतिनिधियों का यह अलग अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इस अनूठी घटना ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि सादगीपूर्ण विवाह और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी दिया।

बेमेतरा में आयोजित सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के दौरान विधायक दीपेश साहू ने पारंपरिक और सादगीपूर्ण तरीके से विवाह करने का निर्णय लिया। उन्होंने व्यक्तिगत भव्य आयोजन की बजाय सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर सामाजिक समानता और सामूहिकता का संदेश देने का प्रयास किया। उनके इस निर्णय की स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी सराहना की जा रही है।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा, जब विधायक दीपेश साहू दूल्हे के रूप में बैलगाड़ी में सवार होकर बारात लेकर निकले और बैलगाड़ी की कमान स्वयं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली। राजधानी रायपुर से विशेष रूप से बेमेतरा पहुंचे अरुण साव ने सारथी बनकर बैलगाड़ी का संचालन किया। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

बारात के दौरान पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। ग्रामीण परिवेश से जुड़ी बैलगाड़ी बारात ने लोगों को पुराने समय की याद दिला दी। आधुनिकता के दौर में जहां विवाह समारोहों में दिखावा और भव्यता का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं इस आयोजन ने सादगी और परंपरा को महत्व देने का संदेश दिया।

विधायक दीपेश साहू का सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने का फैसला भी विशेष महत्व रखता है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने और विवाह आयोजनों में अनावश्यक खर्च को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जाते हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता भी मिलती है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। राजनीतिक पद और प्रोटोकॉल से परे जाकर उन्होंने जिस सहजता से सारथी की भूमिका निभाई, उसने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल को जनप्रतिनिधियों की सादगी और सामाजिक जुड़ाव का उदाहरण बताया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन राजनीति और समाज के बीच की दूरी को कम करते हैं तथा जनप्रतिनिधियों को आम लोगों के और करीब लाते हैं। बैलगाड़ी बारात और उसमें उप मुख्यमंत्री की सारथी के रूप में भागीदारी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

बेमेतरा में आयोजित यह विवाह समारोह केवल एक वैवाहिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि परंपरा, सादगी, सामाजिक समरसता और जनसरोकारों का संदेश देने वाला एक विशेष अवसर बन गया। विधायक दीपेश साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की यह अनूठी सहभागिता लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी।