दल्ली राजहरा में बड़ा हादसा: सीवरेज पाइप लाइन कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत
बालोद जिले के दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दास पान ठेला चौक के पास 10 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से तीन मजदूर दब गए, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल पर लापरवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के दल्ली राजहरा में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था, तभी अचानक मिट्टी धंसने से 10 फीट गहरे गड्ढे में काम कर रहे तीन मजदूर दब गए। हादसा इतना भयावह था कि तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
जानकारी के अनुसार, सीवरेज लाइन के लिए गहरे गड्ढे की खुदाई की गई थी, जिसमें मजदूर पाइप बिछाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गड्ढे की मिट्टी खिसक गई और वहां मौजूद मजदूर मलबे के नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन जब तक मजदूरों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और महिला मजदूर बैशाखिन के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। लोगों का कहना है कि इतने गहरे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण, मिट्टी धंसने से बचाव के लिए सपोर्ट सिस्टम और आपातकालीन राहत व्यवस्था जरूरी होती है, लेकिन मौके पर ऐसी कोई तैयारी नहीं थी। हादसे के बाद निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई, जिसके कारण तीन परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मजदूरों की जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में नियमित निगरानी और सुरक्षा उपायों का पालन बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
दल्ली राजहरा की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और स्थानीय लोग प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा एवं न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।