मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने पर कांग्रेस का हमला, सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

प्रदेश कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और जनहानि के मामलों को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि वनों की कटाई, खनन गतिविधियों और पर्यावास के नुकसान के कारण वन्यजीवों तथा इंसानों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ रही हैं।

Jun 19, 2026 - 12:28
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मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने पर कांग्रेस का हमला, सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और इससे होने वाली जनहानि को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि वन क्षेत्रों में बढ़ती मानवीय गतिविधियों, जंगलों की कटाई और खनन परियोजनाओं के विस्तार के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं, जिससे संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि राज्य के विभिन्न वन क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने के कारण वन्यजीवों को भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आना पड़ रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में हाथी, भालू और तेंदुए जैसे वन्यजीवों के साथ टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुंचने के मामले सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बस्तर, सरगुजा, हसदेव अरण्य और अन्य वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई तथा खनन गतिविधियों के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास लगातार सिमट रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जंगलों में रहने वाले जानवरों के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों की ओर जाने के लिए मजबूर कर रही है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान जल संरक्षण और वन क्षेत्रों में जलस्रोतों के संवर्धन के लिए कई योजनाएं संचालित की गई थीं। उनका दावा है कि इन योजनाओं के बंद होने तथा वन क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने से वन्यजीवों की समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वन एवं पर्यावरण से जुड़ी कई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी रही है।

कांग्रेस ने लेमरू एलिफेंट रिजर्व परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने से मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में कमी नहीं आ सकी है। पार्टी के अनुसार राज्य के कई जिलों में हाथियों, भालुओं और तेंदुओं से जुड़े हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल है।

कांग्रेस का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों को समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। पार्टी ने सरकार से वन क्षेत्रों के संरक्षण, जलस्रोतों के विकास, वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा तथा प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा लंबे समय से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में चिंता का विषय रहा है। इस विषय पर कांग्रेस और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा को लेकर व्यापक रणनीति की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।