हर-हर महादेव के जयघोष के साथ निकली भोरमदेव पदयात्रा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हजारों श्रद्धालुओं संग हुए शामिल

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कवर्धा से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकली 18 किलोमीटर लंबी भोरमदेव पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूजा-अर्चना, आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और सेवा शिविर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे।

Aug 3, 2026 - 17:04
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हर-हर महादेव के जयघोष के साथ निकली भोरमदेव पदयात्रा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हजारों श्रद्धालुओं संग हुए शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर कबीरधाम जिले में आयोजित ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुई। कवर्धा स्थित पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकली लगभग 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

पदयात्रा प्रारंभ होने से पहले विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने भगवा ध्वज हाथ में लेकर जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा के समापन पर बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और भोरमदेव धाम के संरक्षण एवं विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।

पदयात्रा में पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठन और हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।

पूरे यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम पंचायतों और विभागों ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सेवा शिविर लगाए। पदयात्रियों को चाय, कॉफी, शरबत, जूस, नींबू पानी, फल, खीर-पूड़ी और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा, तिलक और मालाओं से स्वागत किया गया।

इस वर्ष की पदयात्रा में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और नंदी पर आधारित आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने झांकियों का स्वागत करते हुए भगवान शिव के जयघोष लगाए।

यात्रा के दौरान समनापुर के समीप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जागरूकता स्टॉल का भी अवलोकन किया गया। विजय शर्मा ने अभियान की सराहना करते हुए बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। भोरमदेव पदयात्रा ने एक बार फिर आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।