भोरमदेव पदयात्रा में पूर्व कलेक्टरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने की सहभागिता

सावन के पहले सोमवार पर आयोजित भोरमदेव पदयात्रा में हजारों शिवभक्तों के साथ जिले में सेवाएं दे चुके पूर्व कलेक्टरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने बूढ़ा महादेव मंदिर से पदयात्रा प्रारंभ कर बाबा भोरमदेव के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Aug 3, 2026 - 17:07
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भोरमदेव पदयात्रा में पूर्व कलेक्टरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने की सहभागिता

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। सावन माह के प्रथम सोमवार पर आयोजित ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा में इस वर्ष हजारों शिवभक्तों के साथ जिले में पूर्व में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी श्रद्धापूर्वक भाग लिया। बूढ़ा महादेव मंदिर से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकली लगभग 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में वर्तमान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

पदयात्रा में पूर्व कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आर. संगीता, पी. दयानंद तथा पूर्व जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार अपने परिवारों के साथ शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने बूढ़ा महादेव मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद पदयात्रा प्रारंभ की तथा पैदल चलते हुए बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और कबीरधाम जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

पूरे पदयात्रा मार्ग में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों श्रद्धालु, कांवड़िये, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आम श्रद्धालुओं के साथ पैदल यात्रा कर धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।

यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों के स्वागत के लिए सेवा शिविर लगाए। श्रद्धालुओं को पेयजल, चाय, नाश्ता, शरबत और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और तिलक लगाकर स्वागत भी किया गया।

बाबा भोरमदेव मंदिर कबीरधाम जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यही कारण है कि जिले में पहले सेवाएं दे चुके अधिकारी भी हर वर्ष सावन माह में यहां पहुंचकर पदयात्रा में शामिल होते हैं और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

इस वर्ष पदयात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। कलेक्टर गोपाल वर्मा और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं तथा पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पदयात्रा पूरी की।

भोरमदेव पदयात्रा ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और प्रशासन-जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। सावन के पहले सोमवार को आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने बाबा भोरमदेव के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास को एक बार फिर उजागर किया।