बालोद में रानीमाई मंदिर के पास घूम रहा घायल भालू पकड़ा गया, इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा

बालोद जिले के रानीमाई मंदिर, तालगांव और आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से घूम रहे घायल भालू को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया। पिंजरे में फंसे भालू का रेस्क्यू कर उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गया है। स्वस्थ होने के बाद उसे उपयुक्त प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी की जाएगी।

Sep 5, 2026 - 08:20
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बालोद में रानीमाई मंदिर के पास घूम रहा घायल भालू पकड़ा गया, इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के रानीमाई मंदिर, तालगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से घूम रहे घायल भालू को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया है। भालू के रेस्क्यू के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और रानीमाई मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। घायल भालू के लगातार आबादी वाले इलाकों के आसपास दिखाई देने के कारण लोगों में चिंता और भय का माहौल बना हुआ था।

जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से घायल भालू रानीमाई मंदिर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आ रहा था। भालू की गतिविधियों से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे। इन वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र के लोगों में वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर दहशत बढ़ गई थी। वन विभाग की टीम लगातार भालू की गतिविधियों पर नजर रख रही थी और उसके संभावित आवागमन वाले स्थानों की निगरानी की जा रही थी।

भालू को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने उसकी आवाजाही वाले संभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया और अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए। टीम द्वारा लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान बीती रात घायल भालू एक पिंजरे में फंस गया। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक मौके पर पहुंचकर उसका रेस्क्यू किया। वन विभाग की कार्रवाई के बाद भालू को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

रेस्क्यू किए गए भालू को उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और चोट के अनुसार आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। वन विभाग की प्राथमिकता फिलहाल भालू के स्वास्थ्य में सुधार और उसे सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

वन विभाग के अनुसार उपचार के बाद जब भालू पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा, तब उसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक वन क्षेत्र का चयन किया जाएगा। इसके बाद वन्यजीव की स्थिति और उसके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में भालू की सुरक्षा के साथ प्राकृतिक पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र की परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाएगा।

भालू के रेस्क्यू के बाद रानीमाई मंदिर और आसपास के गांवों में लोगों ने राहत महसूस की है। पिछले कई दिनों से मंदिर क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों में भालू की मौजूदगी को लेकर लोग सतर्क थे। वन विभाग की टीम की निगरानी और कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। विभाग की ओर से वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने और उनके दिखाई देने पर खुद पकड़ने या उनके पास जाने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील की जाती है। घायल भालू के उपचार के बाद उसके स्वस्थ होने और सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़े जाने पर अब सभी की नजर बनी हुई है।