मानसून में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बरतने को कहा सावधानी

कबीरधाम जिले में मानसून के दौरान जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से स्वच्छ पेयजल का उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की गई है।

Jul 15, 2026 - 11:44
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मानसून में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बरतने को कहा सावधानी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। मानसून की शुरुआत के साथ ही कबीरधाम जिले में जलजनित, मच्छरजनित और अन्य संक्रामक बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित बीमारी के प्रकोप पर तत्काल नियंत्रण किया जा सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डी.के. तुरे ने जिलेवासियों से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने और किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया तथा अन्य जलजनित रोग तेजी से फैल सकते हैं। ऐसे में नागरिकों को केवल स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करना चाहिए। पानी को उबालकर या क्लोरीनयुक्त बनाकर पीने की सलाह दी गई है। साथ ही कुओं, हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों की नियमित सफाई करने तथा घरों और आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया गया है।

मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए विभाग ने लोगों से मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और घरों के आसपास जलभराव नहीं होने देने की अपील की है। कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर और अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की सलाह दी गई है ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता से डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव संभव है।

इसके अलावा लोगों को बासी, दूषित और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करने की सलाह दी गई है। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने तथा भोजन को स्वच्छ वातावरण में तैयार करने की अपील भी की गई है। विभाग का कहना है कि साफ-सफाई और सुरक्षित खानपान से कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, पेट दर्द, सिरदर्द, कमजोरी, शरीर दर्द, पीलिया या अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। स्वयं दवा लेने से बचें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। बच्चों में दस्त होने पर ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग लाभकारी बताया गया है। आशा कार्यकर्ता, मितानिन और स्वास्थ्य कर्मचारी गांवों और शहरों में जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जारी एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी बीमारी की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।