मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने श्रमिकों और किसानों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
दंतेवाड़ा जिले के बचेली में मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) शाखा-बचेली ने श्रमिकों और किसानों की विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम बचेली के अवकाश पर होने के कारण ज्ञापन तहसीलदार महेश कश्यप के माध्यम से सौंपा गया। यूनियन ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा, न्यूनतम मजदूरी, रोजगार सुरक्षा, 8 घंटे का कार्यदिवस, सामाजिक सुरक्षा, पुरानी पेंशन की बहाली, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक, किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, ऋण माफी और मनरेगा को मजबूत करने सहित 21 सूत्रीय मांगों का समर्थन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), शाखा-बचेली द्वारा श्रमिकों एवं किसानों की विभिन्न न्यायसंगत मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन की ओर से यह ज्ञापन 10 अगस्त 2026 को बचेली में सौंपा गया, जिसमें श्रमिकों और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) बचेली के अवकाश पर होने के कारण यूनियन प्रतिनिधियों ने ज्ञापन तहसीलदार महेश कश्यप के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन के जरिए श्रमिक वर्ग और किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष रखने के साथ इनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा को लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, रोजगार की सुरक्षा और श्रमिकों के लिए 8 घंटे के कार्यदिवस की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग रखी गई। यूनियन ने श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने और पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। यूनियन का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के हितों और रोजगार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नीतिगत स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी यूनियन ने अपनी आवाज बुलंद की। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी देने की मांग रखी गई। इसके अलावा किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए व्यापक ऋण माफी और मनरेगा को और अधिक सशक्त बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन में श्रमिक एवं किसान हितों से संबंधित कुल 21 सूत्रीय मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया। यूनियन ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए श्रमिकों और किसानों के हित में आवश्यक निर्णय लेने की अपील की।
इस अवसर पर यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने श्रमिकों और किसानों के अधिकारों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया, जिन्हें यूनियन श्रमिक और किसान वर्ग के हितों के लिए महत्वपूर्ण मानती है।