जन्माष्टमी पर दिखी नन्हे राधा-कृष्ण की मनमोहक झलक, कान्हा की बांसुरी और राधा की मुस्कान ने मोहा मन

फरसगांव क्षेत्र में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही, वहीं घरों में भी भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की गई। इस दौरान बच्चों को राधा-कृष्ण की आकर्षक वेशभूषा में सजाया गया। नन्हे कान्हा मुकुट, बांसुरी और पीले वस्त्रों में नजर आए, जबकि बालिकाएं राधा के रूप में मनमोहक दिखीं।

Sep 5, 2026 - 09:09
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जन्माष्टमी पर दिखी नन्हे राधा-कृष्ण की मनमोहक झलक, कान्हा की बांसुरी और राधा की मुस्कान ने मोहा मन

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l फरसगांव क्षेत्र में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व कृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह रहा और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान कृष्ण की आराधना की।

जन्माष्टमी पर्व का सबसे आकर्षक दृश्य छोटे बच्चों के बीच देखने को मिला। अभिभावकों ने अपने नन्हे-मुन्नों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक वेशभूषा में सजाया। छोटे बच्चे कान्हा के रूप में मुकुट, बांसुरी और पीले वस्त्रों में नजर आए। वहीं बालिकाओं को राधा के रूप में सजाया गया, जिसमें उनकी मासूम मुस्कान और आकर्षक वेशभूषा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। बच्चों के इन मनमोहक रूपों ने जन्माष्टमी के उत्सव में विशेष रंग भर दिया।

कई घरों में बच्चों को तैयार करने के लिए अभिभावकों ने खास तौर पर कृष्ण और राधा की पारंपरिक वेशभूषा का चयन किया। नन्हे कान्हा के सिर पर सजे मुकुट और हाथों में बांसुरी का रूप देखते ही बन रहा था। वहीं राधा के रूप में सजी बालिकाओं की मासूम अदाओं ने भी लोगों का मन मोह लिया। बच्चों के इस रूप को देखकर परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।

जन्माष्टमी के अवसर पर अभिभावकों ने अपने बच्चों की खूबसूरत तस्वीरें भी खींचीं। परिवारों ने इन तस्वीरों को रिश्तेदारों और परिचितों के साथ साझा किया। सोशल मीडिया पर भी राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चों की तस्वीरें देखने को मिलीं। बच्चों की मासूमियत, पारंपरिक परिधान और जन्माष्टमी से जुड़ी वेशभूषा ने पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया।

फरसगांव क्षेत्र में जन्माष्टमी के दौरान धार्मिक आस्था के साथ बच्चों और परिवारों का उत्साह भी देखने को मिला। मंदिरों में पूजा-अर्चना और घरों में भगवान कृष्ण की आराधना के बीच नन्हे राधा-कृष्ण आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रहे। अभिभावकों ने बच्चों को पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया। बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाने की परंपरा ने जन्माष्टमी के माहौल को और भी खास बना दिया।

नन्हे कान्हा की बांसुरी, सिर पर मुकुट और राधा के रूप में सजी बालिकाओं की मुस्कान ने लोगों का मन मोह लिया। जन्माष्टमी के इस अवसर पर बच्चों की सहभागिता ने पर्व को पारिवारिक और सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप दिया। फरसगांव क्षेत्र में दिनभर जन्माष्टमी को लेकर उत्साह और भक्तिभाव का माहौल बना रहा।