छोटेडोंगर साप्ताहिक बाजार में भारी वाहनों पर रोक की मांग, जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान भारी वाहनों और माइनिंग ट्रकों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की गई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने थाना छोटेडोंगर, तहसीलदार और निको इंडस्ट्री लिमिटेड को लिखित पत्र सौंपकर बाजार के समय वाहनों का परिवहन बंद करने की मांग की। स्कूलों के आसपास भारी वाहनों की पार्किंग और आवागमन को नियंत्रित करने तथा रात में वाहनों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग भी की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में साप्ताहिक बाजार के दिन भारी वाहनों और माइनिंग ट्रकों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों और निको इंडस्ट्री लिमिटेड को लिखित पत्र सौंपा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी, महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
इस मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी, जनपद सदस्य सोन सिंह कोर्राम, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, राजपुर सरपंच पिंटू मंडावी, चमेली सरपंच दानसाय सलाम और उपसरपंच संतोष बैठारू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों को पत्र दिया है। पत्र थाना छोटेडोंगर, तहसीलदार और निको इंडस्ट्री लिमिटेड को सौंपकर बाजार के दौरान माइनिंग ट्रकों के परिवहन को नियंत्रित करने की मांग रखी गई है।
जनप्रतिनिधियों ने पत्र में बताया कि गुरुवार को छोटेडोंगर में साप्ताहिक बाजार लगता है, जिसके चलते सड़क और आसपास के क्षेत्र में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचते हैं। व्यापारियों के साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी खरीदारी के लिए आते हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस दौरान यदि भारी वाहन और माइनिंग ट्रक लगातार गुजरते हैं तो यातायात का दबाव बढ़ जाता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों ने जनहित और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गुरुवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक निको माइन्स के भारी वाहनों और माइनिंग ट्रकों का आवागमन पूरी तरह बंद रखने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार के व्यस्त समय में भारी वाहनों को रोकने से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और बाजार आने वाले लोगों की सुरक्षा में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा स्कूलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष मांग रखी गई है। जनप्रतिनिधियों ने स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के समय भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। इसके लिए सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक और शाम 4 बजे से 5 बजे तक भारी वाहनों का परिवहन बंद रखने का सुझाव दिया गया है।
जनप्रतिनिधियों ने रात के समय ग्रामीणों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के शोर और लगातार आवागमन से लोगों को असुविधा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वाहनों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग की गई है। मांग के अनुसार भारी वाहनों का परिवहन सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित रखने की बात कही गई है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि गुरुवार के साप्ताहिक बाजार के दौरान सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक भारी वाहनों का आवागमन बंद रखने की मांग क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधियों के हित में की गई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो सड़क पर आंदोलन किया जा सकता है, जिसमें क्षेत्र की जनता के भी शामिल होने की बात कही गई है।
जनप्रतिनिधियों ने आम नागरिकों, विद्यार्थियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से मांग पर तत्काल विचार करने की अपील की है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और माइनिंग कंपनी इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं।