निर्माण कार्यों में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने मैदानी कर्मचारियों को लगाई फटकार
कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश पर कबीरधाम जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की। निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही पर मैदानी कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए गुणवत्ता में कमी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार देने के निर्देश भी दिए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में ग्रामीण विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही सामने आने पर संबंधित मैदानी कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। सीईओ ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और अनियमितता या खराब गुणवत्ता की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, विकसित भारत जी राम जी योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों में यूजर चार्ज शुरू करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता के अनुसार सेग्रीगेशन शेड में सुधार करने और जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
सीईओ ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, कचरा कलेक्शन और गोबर गैस प्लांट के संचालन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए स्रोत तैयार किए जा सकते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों से समन्वय स्थापित कर अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने और अप्रारंभ आवासों का निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के कार्यों में भी गति लाने को कहा गया।
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि सभी आवासों का निर्माण हितग्राहियों के माध्यम से कराया जाए और निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निर्धारित कार्य पूरे करने और मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण के तहत जिले के विभिन्न प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बनाए जा रहे बालिका शौचालय तथा मुक्तिधाम सह प्रतीक्षालय निर्माण कार्यों की ग्रामवार समीक्षा की गई। स्कूली छात्राओं को स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए बालिका शौचालय निर्माण को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने और जल संरक्षण, आजीविका डबरी तथा निजी डबरी जैसे हितग्राहीमूलक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत अधिक से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को लखपति दीदी की श्रेणी में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही गई। साथ ही राज्य शासन द्वारा निर्धारित ऑनलाइन मॉड्यूल में सभी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूरी करने के निर्देश क्षेत्र समन्वयकों और विकासखंड परियोजना अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, क्षमता विकास निधि और 15वें वित्त आयोग से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जिला और जनपद स्तर के अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में पंचायत विभाग के अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, विकासखंड परियोजना अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक तथा जिला पंचायत के विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।