भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ को शराब का गढ़ बना दिया : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर राज्य में शराब और अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में शराब की उपलब्धता और बिक्री बढ़ी है, जबकि अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की शराब नीति और अवैध शराब कारोबार को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में अवैध शराब की बिक्री लगातार बढ़ रही है और इसके नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण गांवों और शहरों में शराब की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे सामाजिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के कई हिस्सों में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में खुलेआम शराब बेची जा रही है और संबंधित विभागों द्वारा पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कांग्रेस ने आबकारी मंत्री दयालदास बघेल के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अवैध शराब बिक्री की समस्या को लेकर सरकार के भीतर भी चिंता दिखाई दे रही है। पार्टी का दावा है कि अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को अधिक प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद शराब नीति को लेकर अलग रुख अपनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शराब दुकानों की संख्या और उपलब्धता बढ़ने से शराब की खपत में वृद्धि हुई है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को राजस्व बढ़ाने के बजाय सामाजिक प्रभावों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से अवैध और नकली शराब से जुड़े मामलों की खबरें सामने आती रही हैं। पार्टी के अनुसार इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस ने शराब की तस्करी, अवैध बिक्री और कथित अनियमितताओं पर व्यापक जांच की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि शराब नीति को लेकर सरकार को स्पष्ट और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कानून व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। कांग्रेस ने मांग की कि राज्य में शराब बिक्री और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
राज्य की शराब नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार अपनी नीतियों को राजस्व और प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक बता रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले समय में भी प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।