बेमेतरा में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की

बेमेतरा जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर ने राहत एवं आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को सतर्क रहने, राहत शिविर तैयार रखने और 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

Jul 7, 2026 - 15:05
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बेमेतरा में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में लगातार हो रही बारिश और आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राहत एवं आपदा प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लेते हुए समय रहते राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करने और बाढ़ संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव या क्षेत्र में जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बनती है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। इसके लिए शासकीय विद्यालय, छात्रावास, सामुदायिक भवन और अन्य सुरक्षित भवनों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में तैयार रखने के निर्देश दिए गए। राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, शौचालय, बिजली, स्वच्छता और प्राथमिक उपचार जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी सूचना पर राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके के लिए रवाना हो और सभी विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की ड्यूटी पहले से निर्धारित रहे। राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

कलेक्टर ने खाद्य विभाग को पर्याप्त खाद्यान्न और आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने, स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों, एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैयार रखने, पशुधन विभाग को पशुओं की सुरक्षा एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सिंचाई विभाग को बांधों, एनीकटों और जलाशयों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को आपदा के दौरान बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था बनाए रखने तथा नगर निकायों को जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित रहने के लिए लगातार जागरूक करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान हर स्थिति पर नजर रखी जाएगी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएंगे।