बस्तर के कोने-कोने तक शांति और खुशहाली लाने शासन प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बीजापुर जिले के संवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचकर नियद नेल्ला नार योजना के तहत पंचायतों के विकास पर चर्चा की। उन्होंने समाज प्रमुखों से नक्सल प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लाने की अपील की और नक्सल मुक्त ग्रामों को अतिरिक्त विकास राशि देने की घोषणा की।

Jan 8, 2026 - 16:07
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बस्तर के कोने-कोने तक शांति और खुशहाली लाने शासन प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

 UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर | छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कहा है कि बस्तर अंचल के कोने-कोने तक शांति, सुरक्षा और खुशहाली पहुंचाने के लिए राज्य शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने यह बात बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू में नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक के दौरान कही। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों से विकास संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

  बैठक में गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सभी से संवाद करते हुए कहा कि हिंसा के वातावरण में विकास संभव नहीं है। बस्तर में स्थायी शांति तभी आएगी, जब माओवादी विचारधारा से प्रभावित भटके हुए युवा मुख्यधारा में लौटकर पुनर्वास का मार्ग अपनाएंगे और ग्राम व राष्ट्र के विकास में सहभागी बनेंगे।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा ग्राम स्तर पर विकास के नए मॉडल तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को सशक्त बनाकर स्थानीय वनोपजों का प्रसंस्करण गांव में ही किया जाएगा। इससे ग्रामीण केवल वनोपज संग्राहक नहीं, बल्कि उत्पादक और उद्यमी बनेंगे तथा उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत स्थापित सुरक्षा कैंप अब विकास के केंद्र बन चुके हैं, जहां से सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और आजीविका से जुड़े कार्य संचालित हो रहे हैं। साथ ही सभी शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी ग्रामीण योजना के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे अपने गांवों के उन युवाओं को समझाएं जो अब भी जंगलों में माओवादी गतिविधियों में शामिल हैं। जो ग्राम अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के तहत अतिरिक्त एक करोड़ रुपये की विकास राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा ग्रामों को नक्सल मुक्त घोषित करने हेतु प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए उत्पाद प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। उपमुख्यमंत्री ने उनके उत्पादों की सराहना करते हुए बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर मार्गदर्शन दिया। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बलों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।