एसआईआर को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को अदालत में दी जाएगी चुनौती
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने बूथ पुनर्गठन, मतदाता नाम विलोपन और बीएलओ नियुक्ति में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है। यह घोषणा 7 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान की गई।
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता एवं एसआईआर के रायपुर लोकसभा प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, शहर जिला अध्यक्ष कुमार मेमन और ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया संदेहास्पद है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी चुनावी आवश्यकता के जल्दबाजी में एसआईआर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस प्रक्रिया के लिए समय-सीमा एक माह बढ़ाने की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने नजरअंदाज कर दिया। नेताओं का कहना था कि यह मुद्दा केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति, जनजाति, किसान और युवाओं के मताधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है।
पत्रकारवार्ता में बूथों के पुनर्गठन को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है, लेकिन उनका युक्तियुक्तकरण नहीं किया गया। कई स्थानों पर एक बूथ में 160 तो कहीं 1000 से अधिक मतदाता दर्ज हैं, जो नियमों के विपरीत है।
इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि कई नए बूथों पर बीएलओ की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे दावा-आपत्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब बीएलओ ही नियुक्त नहीं हैं, तो मतदाता अपनी आपत्तियां और दावे कहां दर्ज कराएं।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जहां भाजपा कमजोर स्थिति में है, वहां योजनाबद्ध तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उदाहरण देते हुए रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बूथ क्रमांक 38 सोनडोंगरी का उल्लेख किया गया, जहां बीएलए का नाम विधिवत दस्तावेज देने के बावजूद “शिफ्टेड” सूची में डाल दिया गया।
कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की त्रुटियां जानबूझकर की गई प्रतीत होती हैं, जो पूरी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इसी कारण पार्टी ने एसआईआर की संपूर्ण प्रक्रिया को न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लिया है।