विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रयासों से बसना–पिथौरा को बड़ी सौगात, ताला व बैंगनडीह एनीकेट निर्माण के लिए 7.32 करोड़ स्वीकृत

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के अथक प्रयासों से बसना और पिथौरा क्षेत्र में ताला एवं बैंगनडीह एनीकेट निर्माण हेतु 7.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं से 100 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय और जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

Jan 25, 2026 - 13:47
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विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रयासों से बसना–पिथौरा को बड़ी सौगात, ताला व बैंगनडीह एनीकेट निर्माण के लिए 7.32 करोड़ स्वीकृत

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर बसना। क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के प्रति सदैव सजग और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के सतत प्रयासों से बसना–पिथौरा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिथौरा विकासखंड में ताला एनीकेट तथा बसना विकासखंड में बैंगनडीह एनीकेट के निर्माण हेतु कुल 7 करोड़ 32 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग के पूर्ण होने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को देते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की नीतियां पूरी तरह किसान-हितैषी हैं और “हर खेत को पानी” के संकल्प के साथ ठोस कार्य किए जा रहे हैं। यह स्वीकृति उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत ताला एनीकेट निर्माण के लिए 318.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे लगभग 50 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं बसना विकासखंड में बैंगनडीह एनीकेट के निर्माण हेतु 413.95 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे यहां भी 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का विस्तार होगा। इन दोनों परियोजनाओं से कुल 100 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

उन्होंने कहा कि एनीकेट निर्माण से वर्षा जल का प्रभावी संग्रहण होगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। इससे आसपास के कुओं और बोरवेल में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और किसान खरीफ के साथ-साथ रबी फसल की खेती भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। इससे किसानों की लागत घटेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि ये परियोजनाएं भविष्य में सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में सुरक्षा कवच का कार्य करेंगी। साथ ही ग्रामीणों को निस्तारी एवं मवेशियों के लिए साल भर पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसान कल्याण, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले समय में क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।