एग्रीस्टेक पंजीयन में लापरवाही नहीं चलेगी, धान बेचने के लिए पंजीयन अनिवार्य: कलेक्टर

धमतरी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सभी किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य होगा। पंजीयन में लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

Jul 7, 2026 - 17:52
 0  64
एग्रीस्टेक पंजीयन में लापरवाही नहीं चलेगी, धान बेचने के लिए पंजीयन अनिवार्य: कलेक्टर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन,धमतरी l धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों के एग्रीस्टेक पंजीयन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिले के प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए सभी श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य किया गया है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं होगा, वे समर्थन मूल्य पर धान बेचने के पात्र नहीं होंगे। इसे देखते हुए कृषि, राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग तथा बैंकिंग संस्थाओं को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। बैठक में संस्थागत एवं ट्रस्ट श्रेणी के पंजीयन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 94 संस्थाओं में से केवल 23 ने आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई है। इस पर कलेक्टर ने शेष संस्थाओं से तत्काल जानकारी प्राप्त कर पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान असर्वेक्षित ग्राम, वनग्राम, डूबान क्षेत्र, शासकीय भूमि, पट्टेदार भूमि, ग्राम नौकर, रेगहा एवं अधिया भूमि सहित सभी लंबित खसरों के एग्रीस्टेक कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। संयुक्त खातों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण कर पात्र किसानों का पंजीयन पूर्ण करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित कृषि सेवाओं और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और ग्राम स्तर पर प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि नवीन पंजीयन एवं आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को दोबारा नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि रिकॉर्ड में बदलाव होने पर निर्धारित अवधि में संशोधन कराया जा सकेगा। बैठक में कृषि, खाद्य, सहकारिता, बैंकिंग संस्थानों तथा जिले के सभी उपार्जन केंद्रों के अधिकारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे।