मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस का शिकंजा, तीन बुलेट चालकों पर ₹15 हजार का जुर्माना

मनेंद्रगढ़ कोतवाली पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज में बुलेट चलाने वाले तीन वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। तीनों वाहनों से मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए। साथ ही नो पार्किंग और बिना नंबर प्लेट वाले 15 दोपहिया वाहनों पर भी चालानी कार्रवाई की गई।

Jul 7, 2026 - 17:56
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मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस का शिकंजा, तीन बुलेट चालकों पर ₹15 हजार का जुर्माना

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान चलाते हुए मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज में वाहन चलाने वाले तीन बुलेट चालकों पर बड़ी कार्रवाई की है। मनेंद्रगढ़ कोतवाली पुलिस ने मोटरयान अधिनियम की धारा 182A(4) के तहत तीनों वाहन चालकों पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया तथा उनके वाहनों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर मौके पर ही निकलवाकर जब्त कर लिए।

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष यातायात अभियान के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

वाहन जांच के दौरान तीन बुलेट मोटरसाइकिल चालक अत्यधिक तेज और पटाखों जैसी आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के साथ वाहन चलाते पाए गए। पुलिस ने प्रत्येक चालक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया और अधिकृत मैकेनिक की सहायता से मॉडिफाइड साइलेंसर हटवाकर जब्त कर लिया। साथ ही सभी वाहन चालकों को मूल कंपनी के मानक साइलेंसर लगाने के निर्देश दिए गए।

कार्रवाई के दौरान लोकनाथ साहू, सुमित पहुंचेल और विकास सिंह के वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा अभियान में नो पार्किंग में खड़े और बिना नंबर प्लेट वाले 15 दोपहिया वाहनों पर भी चालानी कार्रवाई की गई।

मनेंद्रगढ़ कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मॉडिफाइड साइलेंसर, ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वाहनों में अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर न लगाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। पुलिस ने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में भारी जुर्माने के साथ छह माह तक के कारावास का भी प्रावधान है। यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए जिलेभर में नियमित जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।