रोजगार सह आवास दिवस: ग्राम पंचायतों में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों को मिली योजनाओं की जानकारी

दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को वीबीजी रामजी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा करने, ई-केवाईसी, जियो टैगिंग और रोजगार से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

Jul 7, 2026 - 17:48
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रोजगार सह आवास दिवस: ग्राम पंचायतों में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों को मिली योजनाओं की जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साह और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर वीबीजी रामजी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आवास निर्माण की वर्तमान स्थिति, जियो टैगिंग, किश्त भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए हितग्राहियों को समय-सीमा के भीतर आवास निर्माण पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि रोजगार सह आवास दिवस के माध्यम से अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया। लंबित प्रथम किश्तों के मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही डीलर दीदी पहल को मजबूत बनाने के लिए नई डीलर दीदियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर लखपति दीदी बनाने के प्रयासों पर भी बल दिया गया।

कार्यक्रम में वीबीजी रामजी योजना के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि योजना के तहत कार्य की मांग मिलने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

ग्रामीणों को जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश प्रावधान से भी अवगत कराया गया।

रोजगार सह आवास दिवस के दौरान लंबित ई-केवाईसी, जियो टैगिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का मौके पर निराकरण करते हुए अधिकारियों ने ग्रामीणों से योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा भविष्य में भी रोजगार सह आवास दिवस में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास भी स्पष्ट हुआ।