उत्कर्ष योजना प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित, 9 जुलाई तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के तहत आयोजित प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। अभ्यर्थी और अभिभावक 9 जुलाई 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब अपना परिणाम जिले की आधिकारिक वेबसाइट तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय, दुर्ग के सूचना पटल पर देख सकते हैं।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय के अधिकारी अविनाश श्रीवास ने बताया कि परीक्षा परिणाम को सार्वजनिक कर दिया गया है ताकि अभ्यर्थी समय पर उसका अवलोकन कर सकें। यदि किसी अभ्यर्थी अथवा अभिभावक को परिणाम से संबंधित किसी प्रकार की आपत्ति या दावा प्रस्तुत करना है, तो वे आवश्यक प्रमाण और दस्तावेजों के साथ अपना लिखित आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दावा अथवा आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 9 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और उन पर किसी प्रकार का विचार भी नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थियों और अभिभावकों से समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
उत्कर्ष योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अध्ययन का अवसर प्रदान किया जाता है, जिससे वे बेहतर शैक्षणिक वातावरण में अपनी प्रतिभा को निखार सकें और भविष्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकें।
आदिवासी विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि दावा या आपत्ति केवल लिखित आवेदन और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर ही स्वीकार की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन प्रस्तुत करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विभाग ने यह भी कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा परिणाम सार्वजनिक किए गए हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
अधिकारियों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें। समय-सीमा के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।