हीरापुर में “यदुवंशी चौक” का लोकार्पण — श्री कृष्ण प्रतिमा स्थापना से उमड़ा श्रद्धा और एकता का सैलाब
रायपुर के हीरापुर में तेंदुआ पार यादव ठेठवार समाज द्वारा नव-निर्मित “यदुवंशी चौक” का लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि विधायक राजेश मूणत ने भगवान श्री कृष्ण जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएँ और युवा कलश यात्रा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी और वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, हीरापुर/रायपुर | तेंदुआ पार यादव ठेठवार समाज द्वारा आज हीरापुर में नव-निर्मित “यदुवंशी चौक” का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय राजेश मूणत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने समाजजनों के साथ भगवान श्री कृष्ण जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण कर चौक का शुभारंभ किया।
समारोह के दौरान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जिसमें आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएँ और युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। कलश यात्रा के दौरान अहीर नृत्य, भजनों और श्री कृष्ण के दोहों की मधुर गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
अपने संबोधन में विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यदुवंशी समाज सदैव धर्म, परंपरा और एकता का प्रतीक रहा है। भगवान श्री कृष्ण के आदर्श — कर्म, धर्म और सत्य — समाज को निरंतर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि “यदुवंशी चौक” आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के पश्चात विशाल भंडारा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समाज के पदाधिकारियों — प्रदेश अध्यक्ष परमानंद यादव (युवा प्रकोष्ठ), प्रदेश महासचिव नरोत्तम यदु, प्रदेश संगठन मंत्री संसद यदु, प्रदेश मीडिया प्रभारी शशिकांत यदु, रायपुर राज सलाहकार राम जीवन यदु, उपाध्यक्ष नवीन यदु और तेंदुआ पार अध्यक्ष इतवारी यदु — ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया।
वक्ताओं ने कहा कि “यदुवंशी चौक” केवल एक प्रतीक स्थल नहीं, बल्कि यह समाज की एकता, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा। भगवान श्री कृष्ण के उपदेश — धर्म, कर्म और निष्ठा — यदुवंशी समाज को निरंतर दिशा देते रहेंगे।
इस कार्यक्रम की जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री शशिकांत यदु द्वारा प्रदान की गई।