कौशल विकास की दिशा में पहल: कॉलेज में छात्रों ने बनाए गुलदस्ते और मशरूम मॉडल

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में NEP के तहत आयोजित स्किल एन्हांसमेंट कोर्स में छात्रों ने गुलदस्ते और मशरूम के मॉडल बनाकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। शिक्षकों और प्राचार्या ने इस पहल की सराहना की।

Apr 29, 2026 - 23:19
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कौशल विकास की दिशा में पहल: कॉलेज में छात्रों ने बनाए गुलदस्ते और मशरूम मॉडल

UNITED NEWS OF ASIA. आचार्य पंथ श्री ग्रंथ मुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत संचालित स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) के अंतर्गत छात्रों द्वारा रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बी.एस.सी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अपने हाथों से आकर्षक गुलदस्ते और मशरूम के मॉडल तैयार कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया।

यह गतिविधि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनके व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। छात्रों ने इस कार्य में न केवल अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया, बल्कि टीम वर्क और नवाचार की भावना को भी प्रदर्शित किया। उनके द्वारा बनाए गए गुलदस्ते और मशरूम मॉडल काफी आकर्षक और उपयोगी थे, जिन्हें देखकर सभी ने उनकी सराहना की।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रिचा मिश्रा ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों के कौशल विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना भी है। इस दिशा में यह पहल एक सकारात्मक कदम है।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में वनस्पति विज्ञान की डॉ. सुनीता जाखड़ और अतिथि व्याख्याता सुश्री प्राची श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने यह कार्य कुशलता और उत्साह के साथ पूरा किया। उन्होंने छात्रों को मॉडल तैयार करने की प्रक्रिया, सामग्री के चयन और प्रस्तुतीकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ा।

सूक्ष्मजीव विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक देवांगन और रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति टिकरिया जांगड़े ने भी विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करती हैं।

छात्रों ने भी इस गतिविधि को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया सीखने और करने का अवसर देते हैं। इससे उनकी रचनात्मकता और सोचने की क्षमता का विकास होता है।

नई शिक्षा नीति के तहत इस तरह की गतिविधियां शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान और कौशल से भी जोड़ा जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें अपने कौशल को निखारने और भविष्य के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान किया।