तीजनबाई के नाम पर बने विश्वविद्यालय, भगवा पार्टी ने रखी मांग

पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजनबाई के निधन पर भगवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने तीजनबाई के नाम पर दुर्ग जिले में एक विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं शोध को नई दिशा मिलेगी।

Jul 7, 2026 - 11:23
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तीजनबाई के नाम पर बने विश्वविद्यालय, भगवा पार्टी ने रखी मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजनबाई के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इसी क्रम में भगवा पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

देवेश मिश्रा ने कहा कि तीजनबाई ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, संघर्ष और समर्पण के बल पर पंडवानी जैसी लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और लोककथाओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। उनका जीवन कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए सफलता के शिखर तक पहुंचने की प्रेरणादायक यात्रा रहा है।

उन्होंने कहा कि तीजनबाई केवल एक लोक कलाकार नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की सशक्त प्रतीक थीं। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनके जीवन संघर्ष से विशेष रूप से महिलाओं और युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी।

देवेश मिश्रा ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि दुर्ग जिले में तीजनबाई के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इस विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकसंगीत, पंडवानी, लोकनृत्य, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कलाओं पर शोध एवं अध्ययन की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा और आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक है। यदि तीजनबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना होती है तो यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही यह संस्थान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भगवा पार्टी ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और प्रदेश की महान लोक कलाकार के सम्मान में ऐसा कदम उठाएगी, जिससे उनकी स्मृतियां सदैव जीवित रहें। पार्टी ने कहा कि तीजनबाई का योगदान केवल कला तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके विचार, संघर्ष और कला आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।