सूरजपुर में 15 नए उप निरीक्षकों की थानों में व्यावहारिक ट्रेनिंग शुरू, पुलिसिंग की बारीकियां सीखेंगे
बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सूरजपुर जिले में 15 नए उप निरीक्षकों (एसआई) को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विभिन्न थानों में पदस्थ किया गया है। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर द्वारा जारी आदेश के तहत उन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध जांच और पुलिस कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. विकास श्रीवास्तव, सुरजपुर l सूरजपुर जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 15 नए उप निरीक्षकों (एसआई) की विभिन्न थानों में व्यावहारिक ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन अधिकारियों को अब फील्ड स्तर पर पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और अपराध अनुसंधान की वास्तविक प्रक्रियाओं से अवगत कराया जाएगा।
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर द्वारा जारी पदस्थापना आदेश के अनुसार सभी नए उप निरीक्षकों को जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण थानों में प्रशिक्षण के लिए तैनात किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, जांच प्रक्रिया और जनसंपर्क से जुड़ी जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
जारी आदेश के मुताबिक सबसे अधिक चार उप निरीक्षकों की पदस्थापना थाना सूरजपुर में की गई है। इसके अलावा दो-दो उप निरीक्षकों को विश्रामपुर, जयनगर, भटगांव और प्रतापपुर थानों में भेजा गया है। वहीं प्रेमनगर, झिलमिली और रामानुजनगर थानों में एक-एक उप निरीक्षक को प्रशिक्षण के लिए तैनात किया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार नए अधिकारियों को अनुभवी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की विवेचना, शिकायतों के निराकरण, दस्तावेजी कार्यवाही, गश्त व्यवस्था तथा सामुदायिक पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त करेंगे।
इस दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षक अपराध अनुसंधान की प्रक्रियाओं को भी नजदीक से समझेंगे। उन्हें घटनास्थल निरीक्षण, साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान, केस डायरी लेखन और न्यायालयीन प्रक्रियाओं से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे भविष्य में वे स्वतंत्र रूप से अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं होता, बल्कि फील्ड में कार्य करने का अनुभव किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि नए उप निरीक्षकों को विभिन्न प्रकार के थाना क्षेत्रों में तैनात कर उन्हें विविध परिस्थितियों में कार्य करने का अवसर दिया जा रहा है।
जिले में नए अधिकारियों की तैनाती से पुलिस बल को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। पुलिस विभाग को उम्मीद है कि यह व्यावहारिक प्रशिक्षण नए उप निरीक्षकों को कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सूरजपुर पुलिस प्रशासन ने कहा है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।