मनेंद्रगढ़ में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत 300 किसानों का जागरूकता सम्मेलन, जैविक खेती को बताया भविष्य की दिशा

मनेंद्रगढ़ में जैविक खेती मिशन के तहत ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया, जिसमें 300 किसानों ने भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जैविक खेती को भविष्य की खेती बताते हुए रासायनिक खेती छोड़ने की अपील की।

Jun 10, 2026 - 18:32
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मनेंद्रगढ़ में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत 300 किसानों का जागरूकता सम्मेलन, जैविक खेती को बताया भविष्य की दिशा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मनेंद्रगढ़ में जैविक खेती मिशन योजना के अंतर्गत “खेत बचाओ अभियान” के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय कृषक जागरूकता एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 300 किसानों ने भाग लिया और जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों, उन्नत तकनीकों तथा मृदा संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बदलती कृषि चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता तेजी से घट रही है, जिसका सीधा प्रभाव फसल उत्पादन और मानव स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धीरे-धीरे रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करें और जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैविक खेती केवल एक कृषि पद्धति नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार है। उन्होंने इसे भविष्य की टिकाऊ खेती का सबसे प्रभावी मॉडल बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में उद्यानिकी महाविद्यालय चिरमिरी से आए वैज्ञानिक सुजीत कुमार राय और शुभम कुमार ठाकुर ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सम्मेलन में उपस्थित किसानों ने जैविक खेती को अपनाने का संकल्प लिया और कहा कि वे स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ फसल और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान किसानों में जैविक खेती को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

यह आयोजन किसानों को जागरूक करने, कृषि को अधिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।