सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ध्वस्त, 17 रायफल व रॉकेट लॉन्चर बरामद

सुकमा जिले के घने जंगलों में डीआरजी और पुलिस बल ने संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलियों की एक बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ध्वस्त की है। इस फैक्ट्री से 17 रायफल, रॉकेट लॉन्चर और हथियार निर्माण के कई उपकरण बरामद किए गए। यह फैक्ट्री माओवादियों के हथियारों की मरम्मत और निर्माण का प्रमुख अड्डा थी। पुलिस ने इसे माओवादी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार बताया और कहा कि अब नक्सलियों के पास केवल आत्मसमर्पण का रास्ता बचा है।

Nov 4, 2025 - 13:58
 0  31
सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ध्वस्त, 17 रायफल व रॉकेट लॉन्चर बरामद

UNITED NEWS OF ASIA. पवन कुमार, सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से एक बड़ी सफलता की खबर आई है, जहां जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और जिला पुलिस बल ने संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलियों की एक गुप्त ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियार निर्माण और मरम्मत केंद्र को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।

 

जानकारी के अनुसार, डीआरजी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सुकमा के घने जंगलों में माओवादी संगठन ने एक गुप्त हथियार निर्माण इकाई स्थापित कर रखी है, जहां देसी बम, रॉकेट लॉन्चर और रायफल की मरम्मत की जा रही थी। इस पर विशेष रणनीति बनाकर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों तक चले अभियान के बाद टीम को जंगल के भीतर बनी उस फैक्ट्री का पता चला। मौके से सुरक्षा बलों ने 17 रायफल, एक रॉकेट लॉन्चर, हथियार बनाने के औजार, विस्फोटक सामग्री, गोलाबारूद और नक्सलियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।

सुकमा एसपी ने बताया कि यह फैक्ट्री माओवादी संगठन की दक्षिण बस्तर डिवीजन की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा थी, जहां नक्सली अपने हथियारों की मरम्मत और निर्माण करते थे। इस कार्रवाई से नक्सलियों की साजिशों को करारा झटका लगा है और उनका नेटवर्क काफी हद तक कमजोर हुआ है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब माओवादी संगठन के पास केवल एक ही रास्ता बचा है — आत्मसमर्पण और पुनर्वास का। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की "पूना मार्गेम" नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पूर्ण सुरक्षा, सम्मानजनक पुनर्वास और नए जीवन का अवसर दिया जा रहा है।

डीआरजी की इस सफलता ने न केवल माओवादी नेटवर्क को कमजोर किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अब सुरक्षा बल जंगलों की गहराई तक पहुंच कर नक्सलियों के आधारभूत ढांचे को ध्वस्त कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने इसे नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी उपलब्धि बताया है।

यह कार्रवाई सुकमा और आसपास के इलाकों में सक्रिय नक्सल गुटों के लिए चेतावनी है कि हिंसा और हथियारों का युग अब समाप्ति की ओर है, और अब शांति एवं पुनर्निर्माण ही स्थायी रास्ता है।