नए साल के दिन निवेश का शानदार मौका: गिरे सोने-चांदी के दाम, जानिए 1 जनवरी के ताजा रेट
नए साल 2026 के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई सहित देश के प्रमुख शहरों में सोना सस्ता हुआ है, वहीं चांदी के दाम भी नीचे आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह निवेशकों के लिए बेहतर अवसर हो सकता है।
UNITED NEWS OF ASIA. नए साल 2026 की शुरुआत निवेशकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। साल के पहले ही दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेश के लिहाज से यह एक अच्छा मौका माना जा रहा है। घरेलू बाजार में जहां सोने के भाव नीचे आए हैं, वहीं चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है।
1 जनवरी की सुबह दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,35,030 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना 1,23,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।
मुंबई के साथ-साथ चेन्नई और कोलकाता में भी सोने की कीमतें लगभग समान रहीं। इन शहरों में 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं पुणे और बेंगलुरु में भी सोने के दाम में कोई खास अंतर नहीं देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सोने की स्पॉट कीमत 4,308.30 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और ब्याज दरों में संभावित बदलाव का असर आगे भी सोने की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नए साल के पहले दिन गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव घटकर 2,38,900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की स्पॉट कीमत 71.67 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है।
हालांकि, बीते साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। सालाना आधार पर चांदी में लगभग 164 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जो सोने से कहीं बेहतर रही। इसके पीछे मजबूत औद्योगिक मांग, सुरक्षित निवेश के तौर पर बढ़ती खरीदारी और वैश्विक आपूर्ति में कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट एक बेहतर अवसर साबित हो सकती है।