सुशासन तिहार 2026: पिपरिया तहसील में कलेक्टर का निरीक्षण, 24 अप्रैल तक आवेदन, 1 मई से समाधान शिविर

कवर्धा (कबीरधाम) में सुशासन तिहार के तहत 24 अप्रैल तक आवेदन लिए जा रहे हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पिपरिया तहसील पहुंचकर प्रक्रिया का निरीक्षण किया और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

Apr 23, 2026 - 19:17
 0  6
सुशासन तिहार 2026: पिपरिया तहसील में कलेक्टर का निरीक्षण, 24 अप्रैल तक आवेदन, 1 मई से समाधान शिविर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत बनाने और जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के उद्देश्य से “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शुरू किए गए इस अभियान के तहत कबीरधाम जिला में व्यापक स्तर पर आवेदन प्रक्रिया जारी है।

इसी क्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पिपरिया तहसील कार्यालय पहुंचकर आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से अब तक प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी आवेदनों को निर्धारित समयसीमा में स्वीकार कर उनकी स्क्रूटनी कर समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आम नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्वयं आवेदन लेकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें भूमि विवाद, नामांतरण, आवास और अन्य योजनाओं से संबंधित मुद्दे प्रमुख रहे।

सोनपुरी निवासी  कुमबती ने खेत के सामने अवैध निर्माण की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं  सुशील साहू ने फौती नामांतरण और खसरा ऑनलाइन कराने के लिए आवेदन दिया। इसके अलावा  सुंदरिया,  तीहरी राम और  रुक्मणी चंद्रवंशी सहित कई ग्रामीणों ने आवास योजना से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि पात्रता के अनुसार सभी को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि जन शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

सुशासन तिहार के अंतर्गत 22 से 24 अप्रैल तक जिले के सभी तहसील और उप तहसील कार्यालयों में आवेदन लिए जा रहे हैं। इसके बाद 25 और 26 अप्रैल को आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी, जबकि 27 से 30 अप्रैल के बीच उनका निराकरण किया जाएगा।

इसके पश्चात 1 मई से 10 जून तक जिले में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदन के निराकरण की जानकारी दी जाएगी और मौके पर ही समाधान प्रदान किया जाएगा। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान के तहत भूमि संबंधित प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के साथ-साथ आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, बिजली, पानी, हैंडपंप सुधार, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाएगा।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए मुनादी कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति आवेदन दे सके। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं।

कुल मिलाकर, सुशासन तिहार 2026 प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने और समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है।