रायपुर में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने बच्चों से की प्रेरक मुलाकात, देशभक्ति और अनुशासन का दिया संदेश

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने स्कूली बच्चों से संवाद किया। टीम ने बच्चों को अनुशासन, साहस और देशभक्ति का संदेश देते हुए वायुसेना के जीवन और प्रशिक्षण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को 5 नवम्बर को नवा रायपुर में आयोजित एरो शो में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।

Nov 4, 2025 - 14:01
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रायपुर में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने बच्चों से की प्रेरक मुलाकात, देशभक्ति और अनुशासन का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) ने स्कूली बच्चों से विशेष मुलाकात की। यह संवाद कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने टीम के पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में सूर्यकिरण टीम के सदस्य जब मंच पर पहुँचे तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों में जोश और जिज्ञासा साफ झलक रही थी। टीम ने बच्चों को बताया कि कैसे वे आकाश में सटीकता और साहस के साथ विमान उड़ाकर अद्भुत फॉर्मेशन बनाते हैं। उन्होंने कहा कि उड़ान केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि यह अनुशासन, धैर्य और टीमवर्क की परीक्षा भी होती है।

टीम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना का हर पायलट राष्ट्र की गरिमा का रक्षक होता है। उन्होंने बच्चों को बताया कि वायुसेना में शामिल होने के लिए केवल शारीरिक क्षमता नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, विज्ञान के प्रति लगाव और तकनीकी समझ भी जरूरी होती है।

संवाद के दौरान बच्चों ने कई रोचक प्रश्न पूछे — जैसे उड़ान के दौरान दो विमानों के बीच कितनी दूरी रहती है, हवा में बने “हार्ट शेप” या “एरोहेड” जैसे फॉर्मेशन कैसे तैयार किए जाते हैं, और मौसम उड़ान को किस तरह प्रभावित करता है। टीम के सदस्यों ने धैर्यपूर्वक सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और बच्चों को अपने सपनों को ऊंची उड़ान देने की प्रेरणा दी।

सूर्यकिरण टीम ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ हवाई प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी में देशभक्ति और समर्पण की भावना जगाना भी है। उन्होंने कहा — “हमारी उड़ान तभी सफल है जब आपकी आँखों में भी भारत को ऊँचा उड़ाने का सपना जगे।”

कार्यक्रम के अंत में सूर्यकिरण टीम ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को 5 नवम्बर को नवा रायपुर में आयोजित एरोबैटिक शो में शामिल होकर भारतीय वायुसेना के शौर्य का साक्षी बनने का आमंत्रण दिया।
यह संवाद बच्चों के लिए न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि उनके भीतर देशसेवा की नई चेतना भी जागृत कर गया।