स्टेपनी में छिपाकर ले जा रहे थे लाखों का गांजा, जामुल पुलिस ने तीन तस्करों को दबोचा

दुर्ग जिले की जामुल थाना पुलिस ने गांजा तस्करी के अनोखे तरीके का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिकअप वाहन की स्टेपनी टायरों के भीतर 15.5 किलो गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। पुलिस ने गांजा, वाहन, मोबाइल फोन और नकदी सहित 17.72 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

Jun 20, 2026 - 18:18
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स्टेपनी में छिपाकर ले जा रहे थे लाखों का गांजा, जामुल पुलिस ने तीन तस्करों को दबोचा

UNITED NEWS OF ASIA. भारती कौर, दुर्ग l दुर्ग जिले की जामुल थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक अनोखे और सुनियोजित तरीके का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए पिकअप वाहन की स्टेपनी टायरों के भीतर गांजा छिपाकर परिवहन करने की योजना बनाई थी, लेकिन सतर्क पुलिस कार्रवाई के चलते उनका प्रयास विफल हो गया।

पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से गांजा लेकर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जामुल थाना पुलिस ने घासीदास नगर मैदान के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। प्रारंभिक जांच के दौरान वाहन में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके बाद पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी शुरू की।

तलाशी के दौरान वाहन के भीतर कोई विशेष सामग्री नहीं मिलने पर पुलिस को स्टेपनी टायरों पर संदेह हुआ। इसके बाद एक ऑटो मिस्त्री को मौके पर बुलाया गया और स्टेपनी टायरों को खुलवाया गया। टायरों के अंदर से 31 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिन्हें बेहद सावधानी से छिपाकर रखा गया था। जब्त किए गए गांजे का कुल वजन 15 किलो 500 ग्राम पाया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस तरीके का इस्तेमाल कर गांजा तस्करी करने की फिराक में थे। स्टेपनी के भीतर मादक पदार्थ छिपाने का तरीका सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आता, इसलिए तस्कर इसे सुरक्षित मान रहे थे। हालांकि पुलिस की सतर्कता और सूचनातंत्र की सक्रियता के कारण पूरे मामले का खुलासा हो गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजा के अलावा तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन, चार मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 17 लाख 72 हजार रुपये आंका गया है। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है।

जामुल थाना पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाएगा ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके और समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।