केशकाल में थाना पुलिस का यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी विस्तृत जानकारी

कोंडागांव जिले के केशकाल स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम विद्यालय में थाना केशकाल पुलिस ने यातायात जागरूकता अभियान चलाया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को हेलमेट के उपयोग, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों से भी मोबाइल संदेश के माध्यम से बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।

Jul 29, 2026 - 17:45
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केशकाल में थाना पुलिस का यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी विस्तृत जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से थाना केशकाल पुलिस द्वारा स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम विद्यालय, केशकाल में व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित यातायात को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

यह जागरूकता अभियान पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा एवं एसडीओपी अरुण नेताम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और उन्हें यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक विकास बघेल ने विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण होती हैं। यदि प्रत्येक नागरिक नियमों का पालन करे तो बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

विद्यार्थियों को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने समझाया कि हेलमेट केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक सुरक्षा उपकरण है। दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट गंभीर सिर की चोट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए दोपहिया वाहन चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति और पीछे बैठने वाले यात्री को भी हेलमेट पहनना चाहिए।

कार्यक्रम में बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस प्राप्त करने से पहले वाहन चलाना कानून का उल्लंघन है और इससे स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि नाबालिगों द्वारा दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को जागरूक किया गया जो प्रतिदिन स्कूटी या मोटरसाइकिल से विद्यालय आते हैं। पुलिस ने दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने, तेज गति से वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने तथा लापरवाहीपूर्वक ड्राइविंग करने के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही ट्रैफिक सिग्नल, सड़क संकेतकों और ज़ेब्रा क्रॉसिंग जैसे यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई के साथ अन्य वैधानिक कदम भी उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि सड़क पर केवल अपनी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सड़क पार करते समय सावधानी बरतना, निर्धारित स्थान से ही सड़क पार करना और ट्रैफिक संकेतों का पालन करना सुरक्षित यातायात की मूलभूत आवश्यकताएं हैं।

थाना केशकाल पुलिस ने जागरूकता अभियान को केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रखा। विद्यार्थियों के अभिभावकों तक भी मोबाइल संदेश के माध्यम से सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई गई। संदेश में अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति न दें और यदि बच्चे वाहन चलाने की आयु पूरी कर चुके हों तो उन्हें हमेशा हेलमेट पहनने तथा सभी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। यदि परिवार, विद्यालय और समाज मिलकर बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगे, तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने थाना केशकाल पुलिस द्वारा आयोजित इस उपयोगी जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय प्रशासन ने पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

थाना केशकाल पुलिस ने अंत में आमजन से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन कर प्रत्येक नागरिक न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवार और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।