अम्बिकापुर में कलेक्टर अजीत वसंत का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

अम्बिकापुर कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, शासकीय विद्यालयों, कन्या क्रीड़ा परिसर और कन्या शिक्षा परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण भोजन, खेल सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था और छात्रावासों की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।

Jul 29, 2026 - 17:30
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अम्बिकापुर में कलेक्टर अजीत वसंत का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर, अम्बिकापुर l जिले में शासकीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को अम्बिकापुर स्थित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों और अन्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और छात्र कल्याण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण की शुरुआत शासकीय कन्या क्रीड़ा परिसर से हुई, जहां कलेक्टर ने छात्राओं के लिए उपलब्ध आवासीय और खेल संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर ने परिसर में किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास परिसर में मौसमी साग-सब्जियों की खेती करने से छात्राओं को ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा और आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित होगी। उन्होंने अधिकारियों से उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग कर किचन गार्डन तैयार करने की कार्ययोजना बनाने को कहा।

खेल सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने वॉलीबॉल खिलाड़ियों के लिए इंडोर कोर्ट विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को बेहतर अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि छात्राएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। निरीक्षण के दौरान जिम के कुछ उपकरण खराब पाए जाने पर उन्होंने उन्हें शीघ्र मरम्मत कर पुनः संचालित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कलेक्टर ने कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने छात्रावास के कमरों, शौचालयों, स्नानागारों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रावास परिसर में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शौचालयों और स्नानागारों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की सतत उपलब्धता बनाए रखी जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से सीधे संवाद कर छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया। छात्राओं ने खेल सामग्री की कमी की जानकारी दी, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और किसी भी छात्रा को संसाधनों के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए।

कलेक्टर ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं से भी चर्चा की। उन्होंने उन्हें निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित अध्ययन करने, समय प्रबंधन अपनाने और बेहतर परीक्षा परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों से भी कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष शैक्षणिक मार्गदर्शन और अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त किया जा सके।

इसके बाद कलेक्टर शासकीय माध्यमिक विद्यालय नवागढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन और मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और विद्यालय में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन, समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में संचालित मिड डे मील व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। रिवॉर्ड संस्था द्वारा संचालित भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जहां आवश्यक सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के दौरान भी कलेक्टर ने उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, चिकित्सकीय उपकरण और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

निरीक्षण के अंत में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं, बल्कि शासकीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करें तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और छात्र कल्याण से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।